Mahesh Dangi
कीताबो
मैं_कहता
हसीनों से मिलें नज़रें अट्रैक्शन हो भी सकता है,
चढ़े फीवर मोहब्बत का तो एक्शन हो भी सकता है,
हसीनों को मुसीबत तुम समझ कर दूर ही रहना,
ये अंग्रेजी दवाएं हैं रिएक्शन हो भी सकता है..!!
शोक नही रहा
😏 अब हमे
👬 इश्क मोहबब्त
😍 का... वरना
✋ आज भी गाँव
⛺ की Goरी पनघट पे
👰 और शहर
🌆 की छोरी ट्यूशन पे
🏨 हमाँरा
👬 इन्तजार
🙍 करती है
*इतना इश्क कैसे हो गया, एक अनजान के लिए
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