*मेहनत लगती है*
*सपनो को सच बनाने में,*
*हौसला लगता है*
*बुलन्दियों को पाने में,*...
*बरसो लगते है जिन्दगी बनाने में,*
*और जिन्दगी फिर भी कम पडती है*
*रिश्ते निभाने में*।।

बारिश
सुना है वो
*#

*नेक लोगों की संगत से*
*हमेशा भलाई ही मिलती हे,*
*क्योंकि....*
*हवा जब फूलो से गुज़रती हे,*
*तो वो भी खुश्बुदार हो जाती हे.*...
MAHESH DANGI LOVELY BOY
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